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कहिए कहिए मुझे बुरा कहिए

अलग अलग जीवों के लिए आक्सीजन भी अलग अलग ही होता है यह मैं धीरे धीरे महसूस कर पाया, बेहतर तरीके से तब जान पाया जब उसके छू लेने भर से अपने भीतर की उदासी को बिलाते देखा, एक कमरे को भरे पूरे घर की तरह महसूस किया। प्रेमी के लिए उसकी प्रेमिका की उपस्थिति ही प्राणवायु होती है क्या है कहना अनुचित है ? ******** नींद फिर वैसी ही आँख मिचौली करने लगी है। रात सपनों से भरी रहती है, कैसे सपने ? यह बेहद निजी बात है, इसे केवल वही जान सकती है।  सुबह से दो अजीबोगरीब घटनाएं हुईं। व्हाट्सएप पर एक अंजान नम्बर से लगातार 4 बार कॉल आया, फोन मुझसे यूँ भी एक बार मे उठता नहीं, सो उठाया नहीं, घण्टे भर बाद मन हुआ कि देखूँ वह अन्जान नम्बर किसका है तो प्रोफ़ाइल पर एक खाकी वर्दी पहने अधेड़ उम्र व्यक्ति की तस्वीर लगी थी, मुझे ढेरों मैसेज भेजे थे, जिसमें मैं किसी से वासना भरी बात कर रहा हूँ ऐसा कुछ मामला था, नीचे एक धमकी भी थी, आपको 2 दिन में हेरासमेन्ट के केस में गिरफ्तार करना है, फोन कीजिए.. मैं देर तक देखता रहा सोचता रहा ऐसी बात तो मैं अपनी प्रेमिका से कभी बहुत निजी क्षण में भी नहीं कहता, न कह पाउँगा। अ...